The Download Link has been successfully sent to your Mobile Number. Please Download the App.
Continue log in with
By clicking Log In, you agree to Matrubharti "Terms of Use" and "Privacy Policy"
Verification
Download App
Get a link to download app
आ गया एक बार फिर दशहरा .... इस दशहरे बुराई पे अच्छाई की जीत नहीं बल्कि अच्छाई पे बुराई की जीत होगी । सौ बुरे लोग निकलेंगे एक रावण को जलाने उनको जलाकर बहुत ही संतुष्ट होगे ।जबकि असली रावण उनके मन में है जो वो देखना नहीं चाहते ।और अच्छाई कही कोने मे बैठ के वो सब चीज़ों के लिए तरसेगी जो वो अपने परिवार को नहीं दिला पाई । और इस उम्मीद मे वो अपना जीवन बिता देगी । दशहरा की हार्दिक शुभकामनाएं...
मां आपके युग में आपने राक्षसों का संहार किया और सबको डर से मुक्त करके आपने हम इंसानों पे बहुत बड़ा उपकार किया मां...लेकिन हम इस कलयुग में इंसानों के अंदर बसे हुए राक्षसों को कैसे पहचाने ??कैसे पहचान पाए कि हमारे आस पास किसके अंदर इंसानियत है और किसके अंदर शैतान है यहाँ तो हर तरफ बस सबके चेहरे पे एक मुखौटा है जिसे पहचानना बहुत मुश्किल है मां ....आप ही कोई रास्ता दिखाओ मा जो सही है उसके साथ गलत ना हो ओर जो गलत हो उसका हिसाब आप करे क्योंकि आप जब हिसाब करोगी तो किसी की भी हिम्मत नहीं होगी दुबारा गलती करने की ....
भले षड्यंत्र में मुझको कही गहरे दफन कर दो .... सृजन का बीज हु मिट्टी में जाया हो नहीं सकती ... इसपे मै ये कहना चाहूंगी औरत जनम लेना भी जानती है और जनम देना भी । तो कोई इन्हें मत सिखाये की इन्हें करना क्या है अगर इसने किसी को त्यागा है तो सोच के ही त्यागा होगा । जो इनके लायक नहीं बन सकते इनको खुश नहीं रख सकते वैसे लोगों से तो अच्छा है जानवर पाल लो.....जायदा खुशी मिलेगी ।
पति पत्नी का रिश्ता सबसे ऊपर होता है इस रिश्ते को किसी भी रिश्ते के साथ तुलना नहीं किया जा सकता । पति अगर समझे तो मा की तरह लगता है । पति अगर ख्याल रखे तो बाप की तरह लगता ह ।ै पति अगर लड़ाई करे तो बहन की तरह लगता है । लेकिन अगर यही पति जीना मुश्किल कर दे तो हर रिश्ते से भरोसा उठ जाता हैं ये आजकल के लोगों ने पति पत्नी के रिश्ते को मजाक बना के रखा है ना इज्ज़त है ना भरोसा है और ना ही एक दूसरे का सम्मान है। जहाँ साथ है वहां सम्मान नहीं जहाँ सम्मान है वहां साथ नहीं ।
संघर्ष से सफलता......... संघर्ष जीवन का आधार है संघर्ष के बिना कुछ नहीं होता सफल होने के लिए संघर्ष करना पड़ता है वो इंसान हो या जानवर हो या कोई भी प्राणी । सफलता? सिर्फ उसे नहीं कहते जिसके पास ऊँचे मकान या बड़ी गाड़ी हो ! रोज जो संघर्ष करता है उसका छोटा सा प्रमाण मिल जाए उसे भी सफलता कहते है सफलता के मायने सिर्फ घर पैसा गाड़ी नहीं हो सकती । एक सफल इंसान वो भी है जिसके वजह से उसके परिवार के चेहरे पे खुशी आये । उसकी छोटी जरूरत पूरी हो साथ बैठे बाते करे इससे बड़ी खुशी और सफलता एक इंसान के लिए और क्या ही हो सकती है ।
इंसान हो इंसानियत को समझो .... अभी अभी एक केस हुआ एक स्टाफ ने दस हजार की सैलरी के लिए २४ करोड़ की कंपनी जला दी बहुत अच्छा किया मै उसकी जगह होती तो मैं भी यही करती अच्छा क्यों ना करूँ तुम्हारा २४ करोड़ तुम्हे मुबारक ..... तुमलोग स्टाफ रखते हो तो तुम्हे लगता है तुमने उसे खरीद लिया वाह रे पढ़े लिखे लोग अरे कभी तुमने उसकी मजबूरी को समझा कभी जानने की कोशिश की उसने ऐसा क्यों किया क्यों आखिर क्यों तुमलोग स्टाफ को गुलाम समझते हो हो सकता है वो दस हजार ही उसके लिए एक लाख जितने मायने रखते हो क्यों नहीं समझ पाते । समझो कम देने वाला नहीं कम करने वाला बड़ा होता है अगर कम करने वाला ही ना हो तो क्या करोगे चल जाएगी तुम्हारी कंपनी चल जाएगा तुम्हारा राज । इंसान हो इंसानियत को समझो किसी की तकलीफ को समझो हैवaन बन के मत रहो .....वरना २४ करोड़ क्या २४ अरब में भी आग लगाना हो तो कोई सोचेगा नहीं ........ बात कड़वी है कुछ लोगों को लगेगी इंसान हो इंसानियत निभाओ ...... जय हिंद जय भारत
अपना कर्म करते रहो हो सकता है तुम्हारे हिस्से के फल को घमंड हो गया हो कि वो ना पकेगा ना पेड़ से गिरेगा लेकिन ऐसा नहीं होता वो पकेगा भी और गिरेगा भी और ऐसा गिरेगा कि ना उसे कोई देखेगा ना ही कोई उठाएगा उसका ऐसा हस्र होगा कि लोग उसको कुचल के चले जायेंगे । इसलिए समय रहते फल को अपना घमंड त्याग देना चाहिए । और ये बात फल के लिए नहीं थी
रिश्ता अगर आपके ओर आपके पार्टनर के बीच कभी भी रिश्ता खराब हो जाए तो आप कोशिश करे कि उसका तमाशा किसी के सामने ना हो । आप आपस मे बैठ के बात करे किसी को इसके बीच ना आने दे क्योंकि हो सकता हैं जो आज आपको बुरा लग रहा हों वहीं इंसान कभी आपके सुख दुख का साथी हो आप वही सोचकर अपने रिश्ते को समझदारी से चलाए । अगर आप नहीं रहना चाहते तो पूरी इज्ज़त से उस रिश्ते से आजाद हो जाए बिना एक दूसरे को ज़लील किए हुए । इसपे कुछ लिखना चाहेंगे कभी हमदोनों एक दूसरे के लिया जिया करते थे आज एक दूसरे की खबर तक नहीं ।
औरत ..... औरत ...... औरत औरत पे किसी चीज़ का इल्ज़ाम लगाना कितना आसान होता है लोगो के लिए ..... तुम गलत करो जिम्मेदार कौन ? औरत...... तुम्हे कुछ पसंद ना आए जिम्मेदार कौन ? औरत.... बच्चे हाथ से निकल गए जिम्मेदार कौन ? औरत... घर में कुछ भी गलत हो जिम्मेदार कौन? औरत...... क्यों ? हर गलती की जिम्मेदारी सिर्फ औरत ही क्यों होती हैं... क्या कभी किसी ने जानने की कोशिश की कि वो क्या चाहती हैं।..... औरत कुछ नहीं चाहती उसे दुनिया से कोई उम्मीद नहीं होती उसे उम्मीद होती है तो बस अपने जीवन साथी से वो तो रसोई में सिर्फ दही जमने से खुश हो जाती हैं। उसके लिए खुशी सिर्फ अपने परिवार को खुश रखने मे होती हैं ...... ये इतनी सी बाते समझने में किसी को पूरी जिन्दगी लग जाती हैं तो कोई चंद मिनटों में समझ जाता हैं औरत को सिवाय प्यार और इज्ज़त के कुछ नहीं चाहिए । ये है उसकी ज़िन्दगी की कहानी जिसके आधार पे वो जीती हैं।
दुनिया में एक ही ऐसा रिश्ता होता है जो बिना देखे बिना जाने बन जाता है निस्वार्थ भाव से और ये रिश्ता होता है एक मां का मां ........ये एक शब्द नहीं है ये एक ताकत है जीने का सहारा है उम्मीद है और हौसला है एक औरत हर रिश्ते से हार सकती हैं । लेकिन वो एक ही रिश्ते से जीत सकती है वो है उसका बच्चा। ये एक रिश्ता जीने के लिए वो सालों साल मरती हैं उसकी सारे दुःख खत्म हो जाते है जब वो अपने बच्चेको गोद म लेती है इस रिश्ते को शब्दों मे लिख पाना बहुत मुश्किल है क्योंकि ये सिर्फ वही समझ सकता है जो इस रिश्ते को जिया हो ।
Copyright © 2026, Matrubharti Technologies Pvt. Ltd. All Rights Reserved | Powered by Custom Web Development Company India.
Copyright © 2026, Matrubharti Technologies Pvt. Ltd. All Rights Reserved.
Please enable javascript on your browser