*Title: माँ-पापा की लड़ाई और मैं 😢*
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घर की दीवारें गूंजती हैं चीखों से 📢
और मैं... कोने में बैठा गुड्डा दबाता हूँ 🧸
माँ रो रही है रसोई में 😭
पापा दरवाजा पटक कर चले गए 💔
मैं पूछना चाहता हूँ "क्या हुआ?"
पर आवाज़ गले में ही घुट जाती है...
टीवी चल रही है, पर आवाज़ नहीं आ रही
क्योंकि कानों में तो बस लड़ाई की गूंज है 🔊
रात को भूख लगी है
पर थाली कौन लगाएगा?
दोनों अपने-अपने कमरे में हैं 🚪
मैं चुपचाप पानी पीकर सो जाता हूँ
ताकि सुबह कोई मुझसे न पूछे "रोया क्यों था?"
स्कूल में टीचर पूछती है "होमवर्क क्यों नहीं किया?"
मैं क्या बताऊँ... रात भर नींद ही नहीं आई
डर था कहीं घर टूट न जाए 🏠💔
दोस्त कहते हैं "तेरे मम्मी-पापा लड़ते हैं क्या?"
मैं हंसकर बोल देता हूँ "नहीं"
पर तकिए गीले हो जाते हैं रात को 😔
बड़े लोग कहते हैं "बच्चे को क्या पता"
पर साहब...
हम सब समझते हैं
बस बोल नहीं पाते
हमें महंगे खिलौने नहीं चाहिए 🎁
हमें महंगी छुट्टियां नहीं चाहिए ✈️
हमें तो बस वो वाली शाम चाहिए
जब माँ-पापा साथ बैठकर खाना खाते थे 🍽️❤️
लड़ लो... पर हमारे सामने मत लड़ो
चीख लो... पर हमारे नाम मत चीखो
अगर रिश्ता टूट भी जाए
तो हमारी बचपन की हंसी मत तोड़ो 🙏
*क्योंकि हम बच्चे हैं... दीवार नहीं*
*जो हर झगड़े को सह जाएं* 👶💔
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