👉 मेरी पहली कविता 🇮🇳
कहते हैं जब भी शहीदों का ज़िक्र होगा,
उसमें नाम भारत के वीरों का होगा 🇮🇳❤️
कर रहे हैं अपने आप को उस दिन के लिए तैयार 💪
जिस दिन उन वीरों में मेरा भी नाम होगा
फौलादी जिस्म नहीं हौसला रखती हूँ 🔥
मैं नारी हूँ, खुद को देश पर कुर्बान करती हूँ 🇮🇳
मेरे हाथ में कंगन नहीं, बंदूक थमा के तो देख 💥
मेरे जिस्म में साड़ी नहीं, खाकी वर्दी लगाकर तो देख 🪖
दुर्गा-काली तू देखेगा धरती पर ही 🙏🔥
बस एक बार भारत माँ की ओर आँख उठाकर तो देख 👀🇮🇳
माँ की सेवा का फ़र्ज़ सिर्फ बेटों का नहीं है 💯
बेटियाँ भी माँ पर उतना ही हक़ रखती हैं ❤️
जो सारे घर की इज़्ज़त दामन में समेटे हैं 🌸
माँ की इज़्ज़त के लिए बंदूक भी उठा सकती हैं 💪🔫
रखती हैं जितनी मोहब्बत बाहर, उतना ही दिल में 🔥❤️
कौन कहता लड़कियां पैरो से बस स्कूटी रोकना जानती हैं 💪
ये नए भारत की बेटी है जनाब ✨🇮🇳
हवा में दुश्मनों को रौंदना भी जानती हैं 😈🔥
कौन कहता है पहली नज़र में इश्क़ नहीं होता 💔
वतन से किया था, आज तक वफ़ा निभा रही हूँ 🇮🇳❤️