मैं बहुत मजबूत हूं
बहुत ज्यादा
इतनी की मुझे भीड़ भी नहीं तोड़ सकती।
मैं कभी किसी के सामने खुद को कमजोर नहीं होने देती।
हां मेरे लिए अकेले में खुद के सवालों और अपने ही विचारों से लड़ना काफी चुनौतीपूर्ण होता है।
कई बार मेरे अपने विचार मुझे पराजित करने की क्षमता रखते है,
बस मेरे अपने
किसी और के विचार मुझे खास प्रभावित नहीं कर पाते।
अब जब मैं जिंदगी के ऐसे मोड पर खड़ी हूं
जहां मुझे न कुछ खोने का डर है और न कुछ पाने की खुशी
तो मैं बस भयभीत हूं
खुद के खो जाने से❤️🩹