अधिकतर . महिला ही भीड़ मे पायी जाती है
किसी भी चंगुल मे मन्दिर झांकी ' कथा भागवत .
या किसी भी प्रकार सलाहकार . भीड़ में भी अपने आप
को अकेला महसूस करती है . आखिर क्यो ?
परिवार में सहयोग मिले तो फिर वो भटकेंगी क्यो?
ध्यान देने वाली बात है ।
- Nandini Agarwal Apne Kalam Sein