अडिग विश्वास
मिले जो जख्म गहरे, या हो जाए नुकसान भारी,
हिम्मत मत हारना ऐ दोस्त, अभी बाकी है बारी।
आशीष कहता है, तूफानों के बाद ही सुनहरी धूप छाई है।
पर याद रख, अंधेरे के बाद ही रोशनी आई है।
परेशानियां कितनी भी हों, खुद को बिखरने मत देना,
हालात के इन पत्थरों को, अपना रास्ता मत कहना।
टूटने लगे जब हौसला, तो आशीष की बात याद रखना,
परमात्मा की अदालत में, कभी देर है पर अंधेर नहीं।
वो जो सबकी सुनता है, तेरी भी पुकार सुनेगा,
उलझे हुए इन धागों को, वो खुद ही फिर बुनेगा।
कष्ट आएं कितने भी, तू मन में मत घबराना,
आशीष कहता है, तू धीरज मत गंवाना।
उम्मीद की उस लौ को, सीने में जलाए रखना,
दुनिया कायम है जिस पर, वो भरोसा बनाए रखना।
भगवान ही वो शक्ति है, वही आखिरी उम्मीद है,
आशीष कहता है, जिसने थामी उसकी उंगली, उसकी ही हर जीत है।
Adv.आशीष जैन
7055301422