💫“बचपन के सवाल… और विश्वास”💫
“आज मेरे भतीजे ने मुझसे कहा—
‘बुआ, मुझे Rama की कहानी सुनाओ… फिर Krishna की…
फिर Hanuman और Shiva की भी…’” 💫
मैं सुनाती रही…
और वो हर कहानी के बाद एक नया सवाल लेकर खड़ा हो जाता… 😄
“हनुमान जी ने सूरज को निगलना चाहा…
तो उन्हें सज़ा क्यों मिली?”
उसके सवाल सुनकर…
👉 मेरे अंदर भी कई सवाल जाग गए…
सोचा—
आज ये इतना छोटा होकर इतना सोचता है…
कल जब मेरी लड्डू उसकी उम्र की होगी…
तो वो कितनी दुनिया अपने सवालों से बना देगी… 💙
फिर उसने मुस्कुराकर कहा—
“बुआ, मैं बड़ा होकर तीरंदाजी में मेडल लाऊंगा… राम जी से सीखकर!” 🏹✨
और अगले ही पल—
“राम जी मुझे डाँटेंगे तो नहीं ना?”
मैंने कहा— “नहीं…” 😌
अब जनाब…
सुबह से खुद को धनुषधारी समझ रहे हैं…
👉 बस डर यही है…
शाम तक चक्रधारी ना बन जाएँ 😄😂
“बचपन सवाल नहीं करता…
वो विश्वास सिखाता है…” 💫