माता का दरबार
जलाई अखंड ज्योत,
की अरदास ज्वारे के साथ।
कलश सजाया
आम के पत्ते के साथ
नारियल रखा पांच धागा बांध
मंत्र उच्चारण के साथ।
लाल चुनर, पूजा की पुड़िया,
लॉन्ग, सुपारी, पान,
करी पूजा सामग्री के साथ।
नौ दिन व्रत उपवास कर,
माँ को मनाया भक्ति-भाव के साथ।
कन्या भोग भंडारा किया
सात्विक विचार भोजन के साथ।
सरिता कहे!...
माँ शक्ति की पूजन करो
हर स्त्री का सम्मान करो।
नौ देवी के रूप मानकर
हर घर को मंदिर मानकर।
सरिता बघेल अनामिका भोपाल से