मेरा जनाज़ा उठेगा… और तेरी डोली सजेगी,
क़िस्मत की ये कैसी अजीब कहानी होगी…
एक तरफ़ मेरे जनाज़े पर खामोशी छाई होगी,
और दूसरी तरफ़ तेरी शादी में शहनाई होगी…
लोग कंधों पर मुझे आख़िरी सफ़र तक ले जाएँगे,
और तुझे कोई सात फेरों में अपना बनाएगा…
मैं मिट्टी में सो जाऊँगा तेरा नाम लेकर,
और तू किसी और के नाम से सजाई जाएगी…
शायद उस दिन तुझे मेरी कमी भी महसूस होगी,
जब भीड़ में होकर भी दिल तेरा उदास होगा…
तब याद आएगा कि कोई था,
जो तुझे अपनी पूरी दुनिया मानता था…
— A Singh ✨