अधूरा होगा।
जो तुझ बिन ये हर इक ख़्वाब देखा होगा,
यक़ीन मान, वो सपना अधूरा होगा।
लबों तक जो आकर ठहर जाए अक्सर,
वो हर सच बिन-एहसास अधूरा होगा।
क़लम ने जो लिख डाली सारी हक़ीक़त,
अगर दिल न बोला, अधूरा होगा।
मोहब्बत को अगर सौदे में तोला गया,
हर इक रिश्ता तब तो अधूरा होगा।
जो सब्र को कमज़ोरी समझ बैठा है,
उसे इश्क़ का मतलब अधूरा होगा।
सफ़र ख़त्म हो जाए मंज़िल से पहले,
तो रस्ता भी ख़ुद में अधूरा होगा।
प्रसंग, जो तू ही न शामिल हो दुआ में,
वो सज्दा भी रब के यहाँ अधूरा होगा।
"प्रसंग"
प्रणयराज रणवीर