मिल गया होता....✍️
मुझे तेरी मोहब्बत का सहारा मिल गया होता....
अमावस के चांद को उसका सितारा मिल गया होता......
अगर एक लफ्ज़ छुप जाता छूपके से,
मुझे मेरे दिल का तराना मिल गया होता......
उस दिन तो नैय्या कुछ यूंही डूबी....
समुंदर चारों दिशाओं में खोया होता......
अगर तूफान नहीं आता , तो शायद
किनारा मुझे मिल गया होता.......
क्या कहे काटो को, फूल भी अब काटने लगे....
बच्चा था,ठीक था....लेकिन जवानी में भी कोई
धूल चाटने लगे.....
अच्छा हुआ हवा के साथ धूल भी उड़ गई.....
वरना उसकोही, सोने की चमक समझके बैठा होता,
अफसोस फिर भी आँखें करती है....
क्योंकि नजर को कोई नजारा मिल गया होता......!
इसलिए तेरी मोहब्बत का सहारा मिल गया होता....
अगर तूफान नहीं आता, किनारा मिल गया होता.......!!