Gujarati Quote in Poem by PRASANG

Poem quotes are very popular on BitesApp with millions of authors writing small inspirational quotes in Gujarati daily and inspiring the readers, you can start writing today and fulfill your life of becoming the quotes writer or poem writer.

सूरज के बाद।

ठलते  सूरज  सा  मेरा  हर  एक सपना हो गया,
तेरे  बिन  ये ज़िन्दगी  भी  एक तमाशा हो गया।

शाम उतरी तो लबों पर चुप का पहरा बैठ गया,
दिल  में  जो  था उम्र भर, इक क़िस्सा हो गया।

जिसको  थामा था यक़ीं ने कई मौसम की तरह,
वक़्त  बदला  तो  वही रिश्ता अनजान हो गया।

हँसी  के  बीच  पला  करता  था इक सन्नाटा भी,
आज  वो  दर्द  भी   ख़ुद  में  ख़ामोश  हो  गया।

इश्क़  ने  तोड़  कर  समझाया  यही  एक सबक़,
टूट  कर   ही  आदमी   थोड़ा  आसान  हो  गया।

ठलते   सूरज   से   कहो,  प्रसंग  ने  जान  लिया,
दर्द  लिखना  ही अब  उसका  सलीक़ा  हो गया।

"प्रसंग"
प्रणयराज रणवीर

Gujarati Poem by PRASANG : 112016733
New bites

The best sellers write on Matrubharti, do you?

Start Writing Now