मैं और मेरे अह्सास
तिरंगा
आन बान शान से लहराओ तिरंगा प्यारा l
सब से अद्भुत है हमारा तिरंगा न्यारा ll
बुरी नजर न हम पर डालना कभी भी l
हम हिन्दुस्तानी, हिन्दुस्तान है हमारा ll
देश पर मर मिटने का ज़ज्बा न हो ओ l
फर्क़ न करो तो क्या काम है तुम्हारा ll
"सखी"
डो. दर्शिता बाबूभाई शाह