#6. बात बात पर आंसू क्यूँ आ रहा हैं आँखे कमजोर हो गयी हैं या दिल,
ये हवाएं इतनी शिथिल क्यों हैं कोई इनसे कहता क्यों नहीं कि मेरे महबूब से जाके मिल,
तुम कहती हो तुम्हें अब किसी से मोहब्बत नहीं होगा,
अगर मैंने तुम्हें गलत शाबित न किया तो कहना एक बार मुझसे आके तो मिल,
मुझसे आके मिल मेरे पास बैठ पूछ मुझसे मेरा हाल-ए-दिल,
मिला मुझसे नज़रें सांसें गरम धड़कने तेज न हुआ तो कहना,
लगा मुझे गले अगर रुक न जाए इन हवाओं का बहना तो मुझसे कहना,
तू जो मुझसे मिलने आयी तो....
तेरे चेहरे का नूर, तेरे बदन का शुरूर, तेरे कान की बाली, तेरे होठों की लाली,
तेरे चूड़ियों की खनक, तेरे पायल की झनक, तेरे पैरों की नूपुर इन सब को होगा तुझपे गुरुर,
जो तेरे आँखों में हों काजल तो फीके पड़ेंगे ये आसमां के बादल,
मेरे दिल की धड़कने मेरे प्यार की गवाही देगा तेरे दिल में एक अजब सी तबाही होगा ,
अकीनन.......तुझे फिर से मोहब्बत होगा, बस एक कदम मेरी ओर बढ़ाकर देख, मुझे अपना गले लगाकर देख........!
:- रौशन कुमार केसरी
11.12.2025