इस अतरंगी-सी दुनिया में
वो एक मर्यादित-सा लड़का है—
जहाँ लोग चालाकी को हुनर समझते हैं,
वहाँ वो साफ़ नीयत को
अब भी आदत कहता है।
छल-कपट से कोसों दूर,
वो उन रास्तों पर चलता है
जहाँ भीड़ नहीं ...ज़मीर साथ चलता है।
स्त्रियों पर लिखे गए लाखों हर्फ़
वो है उन सभी का सादा-सा प्रत्युत्तर।
उसकी स्मृति में रहते है चंद नाम
ज़िम्मेदारी, मर्यादा,
विश्वास और प्रेम।
उसके कंधों पर
दिखावे का बोझ नहीं,
वचन टिके रहते हैं।
और आँखों में
वादों की थकान नहीं,
ईमान की शांत रोशनी है।
वो प्रेम करता है
अधिकार से नहीं, आदर से।
इस अतरंगी-सी दुनिया में
वो थोड़ा अकेला पर
बहुत पूरा लड़का है
और सच यही है—
इन्हीं जैसे लोग
दुनिया को अब भी
थामे हुए हैं।
ArUu ✍️