चारों तरफ से लोगों से घिरे हुए हम, अक्सर लोगों को पहचानने में गलती कर जाते है। सबका खयाल रखनेवाले खुद अपना ही खयाल नहीं रख पाते। किसी के मीठे बोल सुन कर उसपर अपना सबकुछ लुटा देनेवाले अक्सर कड़वे अनुभव से गुजरते है। क्या करे आसपास लोगों की भीड़ जो लगी है,मतलब की दुनिया में अक्सर अपने कहे जाने वाले लोग ही धोखा दे जाते है।
- Sarika Sangani