Hindi Quote in Poem by Sudhir Srivastava

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नववर्ष की औपचारिक बधाइयाँ
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नववर्ष आ गया, तो इसमें नया क्या है?
आना जाना तो प्रकृति का नियम है,
जो आया है, उसका जाना भी निश्चित है
हम आप भी तो एक दिन आये थे
और एक दिन निश्चित ही चले जायेंगे।
मगर हम हों या आप बड़े अजीब हैं,
आंग्ल नववर्ष के स्वागत की तैयारियों में
हफ्तों पहले से लग जाते हैं,
जब तक एक जनवरी आता है
तब तक जाने कितनों को
अग्रिम बधाइयाँ, शुभकामनाओं की
खानापूर्ति कर हाथ झाड़ लेते हैं,
और फिर इकत्तीस दिसंबर की रात
तरह - तरह के चोंचले करते हैं,
झूमते-नाचते-गाते, हुड़दंग करते
और जाने क्या-क्या तमाशा करते हैं
अंग्रेजियत का लबादा ओढ़े बड़ा लम्बरदार बनते हैं
नववर्ष के सबसे बड़े खैरख्वाह हम आप बनते हैं
आधी रात से ही सोशल मीडिया पर
नववर्ष के ब्रांड एंबेसडर बनने की होड़ में लगे जाते हैं
बधाइयाँ शुभकामनाओं से लोगों की
नींद हराम करने में जुट जाते हैं।
कड़ुआ तो लगेगा, पर बहुत ग़लत करते हैं
क्योंकि हिंदी नववर्ष को इतना मान जो नहीं देते हैं,
सनातनी हिन्दू कहने में तो बड़ा गर्व करते हैं
लेकिन सनातनी नववर्ष को भाव तक नहीं देते हैं
वैसे देखा जाए तो यह अच्छा भी है
कि औपचारिकताओं का तमाशा तो नहीं करते हैं,
वैसे भी हम आप बधाइयाँ शुभकामनाएं
दिल से कब, कहाँ और कितना देते हैं?
औपचारिकता की चाशनी में
सिर्फ दिखावे की जलेबी बनाते हैं,
इसीलिए तो हम-आप आंग्ल नववर्ष पर
इतना तामझाम, अनावश्यक तमाशा करते हैं,
सनातनी नववर्ष की उपेक्षा करके भी
उसे अपमान से तो दूर रखते हैं,
यह क्या उस पर कम अहसान करते हैं?
आंग्ल नववर्ष का शानदार स्वागत करते हैं
बधाइयाँ शुभकामनाओं की ओट में
बद्दुआओं का पिटारा बाँटकर बड़ा खुश होते हैं,
आपको शिकवा शिकायत न रहे
इसलिए हम भी बहती गंगा में हाथ धो ले रहे हैं,
ईमानदारी से कहता हूँ
कुछ मन, बड़े बेमन से आप सबको
हम भी आंग्ल नववर्ष की बधाइयाँ शुभकामनाएं देते हैं,
बदले में आप सबकी बधाइयाँ शुभकामनाएं
मजबूरी में सही स्वीकार करते हैं,
इसके लिए आंग्ल नववर्ष का
बहुत -बहुत आभार, धन्यवाद कर रहे हैं,
आप सब के साथ आंग्ल नववर्ष के
स्वागत अभिनंदन की औपचारिकता पूरी कर रहे हैं।

सुधीर श्रीवास्तव

Hindi Poem by Sudhir Srivastava : 112011135
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