ब्रह्मांड आपकी व्यक्तिगत इच्छाओं या जरूरतों को नहीं समझता, बल्कि आपकी फ्रीक्वेंसी को पहचानता है।
आप जिस फ्रीक्वेंसी पर वाइब्रेट कर रहे होते हैं, उसी के अनुरूप अनुभव आकर्षित करते हैं।
यदि आप डर, अपराधबोध या कमी की भावना में जी रहे हैं, तो नकारात्मक अनुभव आपकी ओर खिंचते हैं।
इसके विपरीत, प्रेम, आनंद और समृद्धि की फ्रीक्वेंसी पर होने से जीवन में सकारात्मक अनुभव आते हैं।
यह ठीक रेडियो ट्यून करने जैसा है-जिस फ्रीक्वेंसी पर ट्यून करेंगे, वही संगीत सुनेंगे। इसलिए, अगर आप अपनी जिंदगी बदलना चाहते हैं, तो अपनी मानसिकता और ऊर्जा बदलें।
ब्रह्मांड हमेशा आपकी ऊर्जा का प्रतिबिंब लौटाता है। सकारात्मक सोच और उच्च फ्रीक्वेंसी जीवन में समृद्धि और सुख को
आकर्षित करती है।