मुझे इश्क़ सीखा करके ,
वो ख़ुद इश्क़ करना भूल गया ।
मुझे अपनी आदत लगा करके ,
वो मेरे बग़ैर जीना सीख गया ।
अब मुजसे बात करे बिना उसका दिन गुज़र जाता है,
और कमबख्त मेरी आँखो को ,
उसे देखे बग़ैर चैन कहा आता है।।।।
उसकी एक आवाज़ सुनने को ,
मेरे कान तरस जाते है ।
वैसे में जहाँ रहती हूँ वो धूप का शहर है,
मगर जब भी उसका ज़िक्र मेरी आँखो और रूह ने किया है
तो शहर में बिन बादल बारिश ,,
बेमौसम बरस आते है।
अब उसकी और मेरी कभी बात नहीं होती ,
मगर हर बात , उसी की करती हूँ।
वो तो ख़ुश ही है,
अपने शहर में अपने और नए लोगो के साथ,
मगर में आज भी उसका एक,
“hmmm”
सुनने के लिए तरसती हूँ ।।।।
😇🧡🩶