“अंदाज़-ए-शायराना”
अगर यूँ ही तेरा मेरी यादों में आना-जाना रहेगा,
सफ़र मुश्किल ही सही, मगर सुहाना रहेगा।
तेरी तसवीर ही काफ़ी है दिल को सँभालने के लिए,
हर धड़कन में तेरा नाम मेरा तराना रहेगा।
भुलाना चाहें भी तो तेरा तसव्वुर मिटता नहीं,
गुज़रे लम्हों का असर उम्रभर समाना रहेगा।
मेरे अश्आर, नग़्मात और हर तहरीर में तू,
मेरे अफ़सानों में तेरे इश्क़ का अफ़साना रहेगा।
तेरी मुस्कान से मिलता है मुझे सुकून-ए-जाँ,
मेरा दिल तेरा था, है, और तेरा ठिकाना रहेगा।
बदल भी जाए वक़्त की रफ़्तार और तेरी चाहतें,
मगर तुझे चाहने का मेरा अंदाज़ दीवाना रहेगा।
तुम पर और क्या-क्या लिखना है मालूम नहीं मुझे,
"कीर्ति" के अल्फाज़ो का अंदाज़ अब शायराना रहेगा।
Kirti Kashyap "एक शायरा"✍️