🌿 कविता : एक डाल पर तोता बैठा
एक डाल पर तोता बैठा,
हरी पंखड़ी, लाल चोंच फैला।
मस्त हवा में गुनगुन गाता,
बच्चों को देख, खिलखिलाता। 🌸
मैना आई बोली प्यारी,
“मुझे भी सुन लो, मीठी कारी।”
दोनों मिलकर गीत सुनाएँ,
बच्चों के मन फूल खिलाएँ। 🌈
तितली बोली – “मुझे भी लेना,
रंगों का तो हार ही देना।”
तोते–मैना संग उड़ आई,
इंद्रधनुष की छाँव छुपाई। ☁️
बच्चों सुनो! ये सीख हमारी,
मिल-जुलकर ही है खुशहाली।
प्यार बाँट लो, हँसी लुटाओ,
जीवन को और रंगीन बनाओ। 💖
✍️ Writer – Dharmendra Kumar
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