"एक खेल... जो मासूमियत से शुरू होता है..."
"पर हर चाल... एक लाश पर खत्म होती है...
"स्कूल क्लासरूम में लाल बॉल लुढ़कती है।
बच्चा चीखता है
"ये कातिल बच्चों से नहीं खेलता... वो उनके दिमाग से खेलता है।
"Blood Ball... मेरा खेल है। और अब Final Round शुरू होगा।
"जब खिलौने खून में डूब जाएँ...
...तब बचपन चीखता नहीं — मुस्कुराता है।"
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"BLOOD BALL"
JOSEF SAYCO की कहानी पर आधारित — एक सायको थ्रिलर बुक
COMING SOON..........
Anuj Shrivastava की कलम से..........