किताब,---
किताब काल तिथि वर्तमान पुस्तक पूर्ण वास्तविक युग दर्शन होती,ना किताब युग होता स्वयं से अंजान।!
संस्कृति संस्कार सभ्यता अतीत वर्तमान, ना होता धर्म कर्म का कोई युग यथार्थ,किताब वक्त काल का दर्पण पहचान।!
गीता, कुरान, बाइबल, गुरुबानी किताब,हाथ रख कर सच्चाई की कसमें खाता मानव मर मिटता,
किताब ही जीवन मूल्य मर्यादा मान।!
किताब ज्ञान का दीपक किताब अन्वेषक आधार,किताबों से ही निकला ना जाने कितने शोध साक्ष्य का सत्य विज्ञान।!
किताब से युग काल का शुरू अंत जीवन कदमों का दिया चिराग,
किताब पद चाप किताब निश्चय दिशा प्रवाह किताब।!
किताब कर्म की जननी धर्म धैर्य आस्था विश्वास,किताब प्रेरणा प्रेरक किताब युग सत्य मर्म का साक्ष्य।!
किताब सुरक्षित युग काल सुरक्षित वर्तमान अतीत का भाव मूल्य अर्थ,भविष्य का मार्ग अक्षुण अक्षय भविष्य का मार्ग सुरक्षित।!
संविधान किताब जिसकी
शपथ लेता राजा राज्य प्रधान,
संसय भय का निर्णय किताब किताब युग काल समय की परिभाषा हिसाब।!
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर गोरखपुर उत्तर प्रदेश।