"अब आगे बढ़ना है..."
टूटे ख्वाबों की राख से,
मैंने उम्मीदें फिर से बोई हैं।
जिन गलियों में तेरा नाम था,
अब वहाँ मेरी कहानी रोई है।
जो दर्द तूने दिए मुझे,
वो अब मेरी पहचान नहीं।
मैं अब वो नहीं जो बिखरती थी,
अब टूटकर भी परेशान नहीं।
तेरी यादों का मौसम गया,
अब नया सूरज उगा है मन में।
मैंने खुद को थाम लिया है,
अब तू नहीं है मेरे जीवन में।
हर आँसू ने सीखा दिया,
खुद से प्यार कैसे करना है।
अब हर साँस यही कहती है,
"भूले नहीं हैं, पर बढ़ना है!"
kajal Thakur 😊