नारी तुम शक्ति हो, तुम साहस की मिसाल हो,
तुम ममता की मूरत हो, तुम प्यार का ख्याल हो।
तुमने हर मुश्किल को हँसकर है सहा,
तुमने हर चुनौती को है पार किया।
तुम बेटी हो, तुम बहन हो, तुम माँ हो,
तुम पत्नी हो, तुम दोस्त हो, तुम जीवन का सहारा हो।
तुमने हर रूप में अपना फर्ज निभाया,
तुमने हर रिश्ते को प्यार से सजाया।
तुमने शिक्षा के क्षेत्र में नाम कमाया,
तुमने विज्ञान के क्षेत्र में परचम लहराया।
तुमने राजनीति के क्षेत्र में भी अपना योगदान दिया,
तुमने कला और संस्कृति को भी नया आयाम दिया।
तुमने हर क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई,
तुमने हर मुश्किल को अपनी ताकत बनाई।
तुमने साबित कर दिया कि तुम किसी से कम नहीं,
तुमने साबित कर दिया कि तुम भी सब कुछ कर सकती हो।
नारी तू नारायणी, तू ही दुर्गा, तू काली,
तू ही लक्ष्मी, तू ही सरस्वती, तू ही माँ भोली-भाली।
तेरी शक्ति अपरम्पार, तू ही सृष्टि का आधार,
तू ही ममता की मूरत, तू ही स्नेह का भंडार।
तू ही घर की लक्ष्मी, तू ही जग की जननी,
तू ही बेटी, तू ही बहन, तू ही सबकी सहचरी।
तेरी मुस्कान से रोशन हो जाता है संसार,
तेरी करुणा से खिल उठते हैं मुरझाए फूल हजार।
तूने हर मुश्किल को हँसकर है सहा,
तूने हर चुनौती को है पार किया।
तेरी हिम्मत को सलाम, तेरी ताकत को प्रणाम,
तू ही तो है इस जग की सबसे बड़ी पहचान।
आओ हम सब मिलकर करें तेरा सम्मान,
तेरे सपनों को दें नई उड़ान।
तू आगे बढ़, तू जग में छा जा,
तू ही तो है इस जग की सबसे बड़ी पहचान।
जागतिक महिला दिवस की शुभकामनाएं