आयना अगर साफ ना हो देखना खुद को
ज़हन साफ़ अगर न हो तो कहना मुझे
गैरो मेे भी ज़बान साफ रहेगी तेरी खातिर
अपने जब मुंह फ़िराले तो कहना मुझे
यादों के साए तुझे आग़ोश में लेते रहेंगे
सपनो के गलियारे में खो जाओ तो कहना मुझे
पत्थरों से मारकर भी लोग मुस्कुराएंगे
फूल मारकर कोई रोए तो कहना मुझे
पेड़ तूफान को सह नहीं पाएंगे
अगर तिनका बिखर जाए तो कहना मुझे
जिंदगी में अभी तक थका भी नहीं
अगर तू थक जाए तो कहना मुझे