मेरे मन की हर धड़कन में,
तेरा ही वास है कृष्ण।
मेरी हर सांस में,
तेरा ही एहसास है कृष्ण।
मेरे मन की वीणा के तुम ही हो तार,
मेरे जीवन के तुम ही हो सार।
मेरी हर धड़कन में तुम बसे हो,
मेरे जीवन का तुम ही हो आधार।
मेरी आँखों में बसे हो सपने तेरे,
मेरे दिल में सजे हो तुम।
मेरी हर साँस में तुम बसे हो,
मेरे जीवन का तुम ही हो संगम।
मेरे रोम-रोम में बसे हो तुम,
मेरी हर साँस में रमे हो तुम।
मेरी आँखों में बसे हो सपने तेरे,
मेरे दिल में सजे हो तुम।
मुझे बस तेरी चाह है कृष्ण,
तू ही मेरा सर्वस्व है कृष्ण।
मेरे जीवन के हर पल में,
तू ही मेरा ईश्वर है कृष्ण।