इश्क़ की गहराइयाँ
तेरी यादों की बारिश में भीगते रहे,
तेरे ख्यालों की चादर में लिपटते रहे।
तेरी बाहों का एहसास जो मिट न सका,
उसी एक उम्मीद पे जीते रहे।।
तेरी मोहब्बत में हमने खुद को भुला दिया,
तेरी राहों में अपना दिल लुटा दिया।
अब न शिकवा है, न कोई गिला,
बस तेरा नाम ही जुबां पर सजा दिया।।
तू पास नहीं तो क्या ग़म है,
तेरी यादों का हर लम्हा संग है।
इश्क़ में जुदाई भी एक हसीन लम्हा है,
जिसमें दर्द भी है और चाहत का रंग है