प्रेम जब अपने सर्वोच्च शिखर पर पहुँच जाता हैं
तो विरह की उत्पत्ति होती हैं ,
इतिहास गवाह हैं कि
जिन लोगों के प्रेम की मिसालें दी जाती हैं
उनका मिलन कभी नहीं हुआ ।
शारीरिक रूप से बिछड़ना कोई मायने नहीं रखता
जब प्रेम एक दूसरे की रूह से मिल जाता हैं
तो अमर हो जाता हैं ।
विरह भी प्रेम का ही एक हिस्सा हैं
इससे बचना भगवान के बस में भी नहीं
फ़िर हम इंसान क्या चीज़ हैं ।