तेरे गिरने में, तेरी हार नहीं।
तू आदमी है, अवतार नही।।
गिर, उठ, चल, दौड़, फिर भाग,
क्योंकि जीत संक्षिप्त है इसका कोई सार नही।।
वक़्त तो रेत हैं।फिसलता ही जायेगा
जीवन एक कारवां है चलता चला जायेगा
मिलेंगे कुछ खास इस रिश्ते के दरमियां
थाम लेना उन्हें वरना कोई लौट के न आएगा।