वो कॉलेज की पहली मुलाकात तेरी,
जैसे खुला हो ख्वाबों का एक नया सफर।
लगा जैसे वक्त रुक गया वहीं,
तेरी मुस्कान में छुपा था जादू का असर।
पढ़ाई के बोझ में भी हल्कापन था,
तेरे संग बिताए लम्हों में हर दिन सुंदर था।
क्लासरूम की बेंच पर साथ बैठना,
वो कैंटीन में चाय की चुस्कियों का मज़ा।
नोट्स के पीछे छुपे वो प्यार भरे संदेश,
कभी हंसी-मजाक तो कभी गंभीर वाद-विवाद।
तेरे संग कॉलेज के गलियारों में घूमना,
जैसे जिंदगी को नई दिशा मिल गई हो।
वो पहली मुलाकात, एक नई कहानी की शुरुआत,
जिसमें थी दोस्ती, प्यार और सपनों की बात।
आज भी जब याद करता हूँ वो लम्हा,
दिल में बस जाती है एक मीठी सी मुस्कान।