एक मुलाकात
भुलाया था जिसे बड़ी मुश्किल से,
आज उसकी याद ताजा हो गयी।
गुजरा था कभी जिस भयानक दौर से,
आज उस दौर की हर एक बात ताजा हो गयी ॥
ऑटो मे बैठा हुआ,
कल मै जा रहा था कहीं ।
खोया था अपने ख़यालों मे,
आस पास की कुछ खबर थी नहीं ।।
अचानक रोक दिया ऑटो को,
ड्राइवर ने ब्रेक लगाया ।
ध्यान टूटा मेरा जैसे,
किसी ने नींद से जगाया ॥
रुकने की वजह जानने को,
मैंने जैसे ही बाहर नजर घुमाई ।
हाथों मे बैग लिए,
एक हसीन लड़की नजर आई॥
चेहरा देख कर उसका जैसे,
मेरी धड़कन ही रुक गयी।
उसकी भी निगाहे मुझे देख कर,
शर्म से झुक गयी ॥
मेरी पहली मोहब्बत थी वो,
जिस पर कभी मै मरता था ।
चाहता उसे बहुत था,
मगर कहने से डरता था ॥
कभी कह नहीं पाया उसे,
अंदर ही अंदर घुटता रहा ।
सब कुछ भूल गया,
बस उसकी याद मे मिटता रहा ॥
चली गयी एक दिन वो,
उसको अपना हमसफर मिल गया।
मेरा क्या था,
मै तो गुमनामी के अंधेरे मे घिर गया ॥
कल अचानक वो इस तरह से मेरे सामने आ गयी ।
किस्मत ही थी,
जो मुझे उससे फिर मिला गयी ॥
मुझे देख कर वो भी बहुत हैरान थी ।
मेरे साथ बैठे या नहीं,
यही सोंच कर परेशान थी ।।
आखिर उसने मेरे साथ नहीं जाने का फैसला किया ।
कुछ भी नहीं अब हमारे बीच,
मुझे ये एहसास दिला दिया ॥
मै जानता था,
कैसे मेरे साथ थोड़ी सी भी देर रह पाती वो ।
बर्बाद जो हुआ था उसी की वजह से,
कैसे मुझसे नजरे मिला पाती वो ॥