थोडे तो बदल रहे है हालात.........
जहां सब पास थे अब थोड़े तो दूर लग रहे है.......
ना जाने कब ये होने लगा......
पर कुछ तो गलत हो रहा है.......
अपनो को पाने की चाह में अपने आप को गवा रहे थे.......
पर अब खुद को ढूंढने की कोशिश जारी है........
ना जाने कब लेकिन कोशिश तो जारी है........
एक दिन तो कर ही लेंगे क्योंकि खो के पाई चीज़ हमेशा अच्छी तहजीब में सामने आती है........
और यहां तो बात अपनी है....
जितनी जल्दी खोया था......
उतनी जल्दी पा भी लेगे......
माना कि कुछ तो मान टूटे है.....
कुछ तो लोग छूटे है.......
पर कोई बात नहीं.......
खुद को खो कर अब खुद को ढूंढने कि जंग जारी है.........