लाखों तकलीफों के बावजूद भी हंसता है,
हर ग़म और मुश्किल में भी खुशियां बिखेरता है।
वो पिता है, जो हर दर्द छुपा लेता है,
अपने बच्चों के लिए हर पल मुस्कुराता है।
तकलीफें उसे नहीं रोक पातीं कभी,
बच्चों की खुशी में ही उसे मिलती है रौशनी।
जिन्होंने अपने अरमानों को किया कुर्बान,
उनकी मेहनत से ही सजी है हमारी पहचान।
हर मुश्किल में भी उसने सिखाई है हमें हिम्मत,
पिता के बलिदान से ही होती है हर मुश्किल आसान।
वो साया है, जो धूप में भी ठंडक देता है,
पिता का प्यार, हर दर्द से राहत देता है।
सलाम उस पिता को, जो हर ग़म में भी हंसता है,
उसके जीवन की कहानी, सच्ची प्रेरणा बनती है।