#Mentor
मैं और मेरे अह्सास
प्यार नहीं है तो फ़िर बता क्यूँ नहीं देते?
मिरे नशीले ख़त को जला क्यूँ नहीं देते?
कल किसी और के होने वाले हो तो l
हाथों से मिरा नाम मिटा क्यूँ नहीं देते?
सरमाया समझकर अलमारी में रखा है l
दिलों औ दिमाग से भुला क्यूँ नहीं देते?
ज़िंन्दगी भर सिसकता छोड़ने से पहले l
खुद ही मुझे ज़हर पिला क्यूँ नहीं देते?
पलकों पर बोझ उठाके कब तक रखोगे?
साथ अश्क नज़रों से गिरा क्यूँ नहीं देते?
तिरे बिना किस तरह काटे बाकी की उम्र l
मार्गदर्शक का काम निभा क्यूँ नहीं देते?
१४-६-२०२४
सखी
दर्शिता बाबूभाई शाह