सबसे ज्यादा ड्रामा करता कौन है,
दुनिया की इस रंगमंच पर जो मौन है।
कभी हँसता, कभी रोता, कभी गाता है,
जीवन के हर मोड़ पर बस यही नाटक रचाता है।
कभी दोस्त बनकर छलकाता जाम है,
कभी दुश्मन बनकर करता बदनाम है।
रिश्तों की डोर से खेलता रोज नया खेल,
सबसे ज्यादा ड्रामा करता वही अकेला मेल।
हर चेहरे पर मुखौटे कई सजाता,
सबसे ज्यादा ड्रामा, वही सबको दिखाता।
मन में छुपाए कई रहस्य गहरे,
सबसे ज्यादा ड्रामा करता, बस यही कहे सच्चे चेहरे।
दुनिया की चालों में सबको नचाता,
सबसे ज्यादा ड्रामा, बस यही जगाता।
सोचो, समझो, देखो किसकी बात,
सबसे ज्यादा ड्रामा करता, वही करता प्रहार।
#Drama