तुमसे बिछड़े गए कैसे, ये दिल समझ न पाया,
तेरी यादों के झोंके ने, हर पल मुझको रुलाया।
तेरे बिना ये जीवन, जैसे सूना सहरा है,
तू जो नहीं है पास, दिल में बस तन्हा सा दर्द ठहरा है।
हर मोड़ पे तुझे खोजा, हर राह में तुझे पुकारा,
तेरी यादों के साए ने, हर लम्हा मुझको आ घेरा।
तुम्हारे बिना ये लम्हे, जैसे बेमानी हो गए हैं,
तुमसे बिछड़कर, जैसे हम अनजानी हो गए हैं।