#Positive
वसंती भोर नया सवेरा लेकर आई हैं l
साथ नव प्रफुल्लित ताजगी लाई हैं ll
चारो ओर सुख की सुहानी सुबह l
मनमोहक किरनों की तेज भाई हैं ll
फिझाओ में अमृत का आनंद देके l
पंखीओ ने मधुर रागिनी गाई हैं ll
नव जीवन का लुफ्त उठाने को l
घर आँगन में रंगोली बनाई हैं ll
गाने लगा मन मयूर मधुर गान l
मुर्गों ने लम्बी तान लगाई हैं ll
चुपके चुपके भोर को आते देख l
साथिया संग कलियां सजाई हैं ll
सप्त किरणें बिखरने को तैयार l
प्रकाश पुंज के संग प्रीत रचाई हैं ll
१४-५-२०२४
सखी
दर्शिता बाबूभाई शाह