#Leadership
आज का जो विषय है वो आम लोगों के लिए ही है मैं ऐसा समझती हूं।
मेरा ऐसा मानना है कि नेतृत्व करना बुरी बात नहीं है बुरा तब होता है जब हम इसका गलत उपयोग कर देते हैं।
कालेज में देखने को मिलता है कि छात्र नेता अपने से गुंडा राज चलता है और सबके साथ दुर व्यवहार करता है लेकिन ऐसा होना नहीं चाहिए।
हमें सबको पुरा अधिकार होना चाहिए कि हम अपनी मर्जी से यह चयन करें कोई जबरदस्ती से नहीं।
हमें अगर कोई नेतृत्व करता तो उसको पुरा हक है अपनी बात कहने का और मेरा ये हक है कि उसकी सहायता करने का।।
छात्र नेता ऐसा होना चाहिए कि जो डरा धमकाकर नहीं बल्कि प्यार से और एक होकर काम करने का उद्देश्य करना।
बस यह सिर्फ एक सोच है और कुछ नहीं।