मैं तुम्हारी सारी कमियों से प्रेम करता हूँ, सिवाए एक के
और वह है; मेरे जीवन में तुम्हारी अनुपस्थिति।
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कॉफी की घूँट लगाओ,
खामोशी को आत्मसात करो
लोगों की बातों पर ज्यादा गौर मत करो
जीवन को बोझ मत बनाओ
अपनी सम्वेदनाओं के अतिरेक से बचो
और ख़ुद की इच्छा के विरुद्ध कभी भी किसी को खुश मत करो।
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मैं तुम्हें भूल नहीं सकता, इसलिए नहीं कि मेरी यादाश्त अच्छी है, इसलिए कि मेरा पास एक ऐसा हृदय जो उन्हें कभी बाहर नहीं कर पाता जो यहाँ कभी रह चुके होते हैं।
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मुझे वहाँ वापस ले चलो, जहाँ मैं तुमसे मिलने से पहले हुआ करता था, और फिर मुझे अकेला छोड़ दो।
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मेरी जिंदगी से बहुत दिनों तक अनुपस्थित मत रहा करो। लौट आओ और पूछ लिया करो -मैं कैसा हूँ?
समय के साथ बदल जाया करती हैं कहानियां और जिये गये सारे अनुभव।