एक मंदबुद्धि गीदड़ को लगा कि वह भी जंगल पर राज कर सकता है। कहीं से उसे शेर की खाल मिली और उसने वो खाल पहन ली और उसे लगा कि वह भी अब राजा बन सकता है। क्योंकि वो भी तो शेर जैसा लगता है। लेकिन कौन उस मंदबुद्धि को बतलाए जिनकी कौम ही गद्दारों की हो, जिनका खून नहीं पानी हो। क्या वो बन पाएगा शेर ? शेर होना और शेर जैसा लगना दोनों में धरती और आसमान का अंतर होता है।