जिस साये के पीछे चलने को डरते थे हम
जिसका साथ पाने को ना करते थे हम
आज वह साया मुझसे समाया जा रहा है
आज कल ये मुझे क्या होता जा रहा है
मुश्किल लगता है कहीं आना जाना
डर लगता था युही ऐसे जीना
पर अब सब कुछ बदलता जा रहा है
आजकल मुझे ये क्या होता जा रहा है
कुछ करने की हिम्मत ही खो चुकी हुं
कुछ करने की ताकत सी खो चुकी हुं
उसे मेरे दिल का हाल पता नहीं है शायद
देखती थी इधर उधर तो नजर ना आया शायद
सोचती थी सब कुछ पर कुछ समझ न आता था
पर अब सब कुछ समझती जा रही हुं।
सपनों की दुनिया से अब बाहर आती जा रही हुं।
नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं