जिंदगी तूने आँसू के लहू बगेर अाश्को दिया तो कुछ नहीं,
तेरे दामन से मेरे वास्ते का क्या कोई मोल का तोल नहीं?
हथेली मेरी पास आकर देख लीजिये आपके हिस्से की लकीर ही नहीं,
तलासते रहे फ़कीर वो भी इस दर्द को देख कह रहे तेरे हिस्से मे तो कुछ नहीं,
हमने खुदा से इकरार ए महोब्बत का नाम पूछ लिया मेरे हिस्से का,
वो बोले तेरे जिंदगी मे पागल पन के दौर के अलावा तो कुछ भी नहीं,
ये रंग वाली दुनिया मे बेरंग सिलसिला का माहौल कहा तक चलेगा ए जिंदगी ,
जर्द ही जर्द वाले पेड़ों मे हरियाली मे हरा कहा?- जैसे सावन की ऋतु मे वसंत जैसा।!
DEAR ZINDAGI 💕