मोहब्बत का तो एहसास नहीं हमको ,
तन्हाइयों ने हमें संभाला है ।
हर दर्द दुनिया का बना मेरा निवाला है ,
तुम्हें खुशियों ने तो हमें गम ने पाला है।।
जीवन में अपने प्यार ढूंढती हूं ,
जीने के लिए संसार ढूंढती हूं ।
रुलाया जिसने जिंदगी भर हमको ,
ना जाने क्यों उसे बार-बार ढूंढती हूं।।
पहली और आखरी यही चाहत है ।
तू खुश रहें आगोश में निकले दम मेरा,
पहली और आखरी यही चाहत है ।
तू खुश रहे सदा दुआ है मेरी ,
मैं आइना हूं मुझे टूटने की आदत है।
चाह कर भी दूर नहीं जा पाती हूं ,
आइना हूं बार-बार टूट जाती हूं ।
ऐ पत्थर मारने वाले जालिम ,
हर टुकड़े में तेरी तस्वीर पाती हूं।।