क्या इश्क है तेरा या है खुदा का तौफा,
नही होते मेरी कोई बात से तुम खफा,
प्यार की मंजिल होती है हमेशा दर्द भरी,
तुम्हारा साथ बना रहता है जैसे प्यार की लाइब्रेरी,
गले लगाते रखते हो हमेशा सुकून की तरह ,
लगाए रखे हो खुद से एक प्यासे की तरह,
नंदी की चाहत में होते है बहुत से बावरे,
अब तो नंदी बना बैठा है बावरा तुमपे सांवरे।
~नंदी❤️
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