बात बात पर बुरा मान जा रही हो,
अश्को को बिना काम के भिगो रही हो,
ये इश्क ताउम्र लहू से लिखवा भी दोगे,
कश्मकश किस्सा जायदाद का लुटवा दोगे,
हमसफर रास्तो से भटक कर कही फना हो गए,
ताजुबब् है मुझे तेरे इश्क़ पर जिसने सिखाया उसी को परखा रही हो ।
DEAR ZINDAGI 🙏