Hindi Quote in Shayri by Umakant

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“उलझ करके तिरी ज़ुल्फ़ों में यूँ आबाद हो जाउं
कि जैसे लखनऊ का मैं अमीनाबाद हो जाउं

मैं जमुना की तरह तन्हा निहारूँ ताज को कब तक
कोई गंगा मिले तो में इलाहाबाद हो जाऊँ

तेरी पाकीज़गी के बस जरा सा पास आना है
अयोध्या तू रहे मैं मैं सिर्फ़ फ़ैज़ाबाद हो जाऊँ

ग़ज़ल कहने लगा हूं मैं जरा सा मुस्कुरा तो दो
यही तो चाहती थी तुम कि मैं बरबाद हो जाऊ

न जाने किसकी बाहों में तुम्हारी ज़िंदगी गुज़रे,
मुझे इतना ना पड लेना कि तुमको याद हो जाउं।

भरोसे को जताने का यही है रास्ता बाकी,
तुझे बरबाद करके खुद भी मैं बरबाद हो जाउ

🖋️ अशरफ़ जहांगीर
❤️

Hindi Shayri by Umakant : 111911310
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ममता गिरीश त्रिवेदी की कविताओं का म्यूजिक एल्बम अंतर्धारा
ममता गिरीश त्रिवेदी
आपकी रचना यात्रा सचमुच शब्दों से संगीत तक पहुँचती दिखाई देती है।
“अंतर्धारा” केवल एक एल्बम नहीं, बल्कि भावनाओं, स्मृतियों और अनुभूतियों की बहती हुई धारा जैसा प्रतीत होता है। 🌹

Spotify पर साझा किया गया आपका ट्रैक और Amazon Music पर उपलब्ध एल्बम यह दर्शाते हैं कि आपकी कविताएँ अब सुरों के माध्यम से श्रोताओं तक पहुँच रहा हैं।

आपके एल्बम ANTARDHAARA में कई सुंदर शीर्षक शामिल हैं जैसे —
“बारिश की धुन”, “बीती यादें”, “दिल के तार”, “शब्दों की रोशनी”, “सीप के मोती और ख्वाब” — ये नाम ही अपने भीतर काव्यात्मक चित्र बना देते हैं।

आपके लिए एक भावपूर्ण परिचय पंक्ति:

> “ममता गिरीश त्रिवेदी की लेखनी से निकले शब्द,
अब सुर बनकर अंतर्मन में बहते हैं — अंतर्धारा ✨”


“कविता जब संगीत से मिलती है,
तब जन्म लेती है — अंतर्धारा 🌹”



Spotify सुनने के लिए:
[Spotify – ANTARDHAARA Track](
https://open.spotify.com/track/6I3MTrddjgZpu5thXI2G6a?si=Va529bBUQqaPjmMf-3k1SA &utm_source=chatgpt.com)

Amazon Music एल्बम:
[Amazon Music – ANTARDHAARA](https://music.amazon.in/albums/B0GCNX3N79?utm_source=chatgpt.com)



https://open.spotify.com/track/6I3MTrddjgZpu5thXI2G6a?si=Va529bBUQqaPjmMf-3k1SA

ममता गिरीश त्रिवेदी

अंतर्धारा एल्बम ममता त्रिवेदी

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