🦋..sᴜɴᴏ┤
अभिमान, अहंकार, घमंड, गुरूर, ऐब,
वैसे ये सभी एक सामान्य हैं नाम अलग
अलग दर्शाया गया है,
और जब यह सारे गुण किसी इंसान में
पाया जाता है,तो वह किसी भी रिश्ते को
अहमियत नहीं देता वह खुद अपने आप
को ही परिपूर्णता: समझता है,
उसके सामने कोई भी हो उसे कोई फर्क
नहीं पड़ता वह सिर्फ अपने गुरूर में रहकर
गलतफहमियों का शिकार होकर वो खुद
को ही नुक्सान पहुंचता है,
अच्छे खासे रिश्ते को भी वो गवा बैठता है
यह जानते हुए भी की सामने वाला सही
है और मैं गलत हूं, फिर भी वह घमंड में
आकर अपने गुनाहों पर पर्दा डालता है,
सच को स्वीकार कर्ता नहीं,और झूंठ को
सही ठहराता है,
अच्छी बात है कि आप अहंकारी हैं
क्योंकि इसके रहते आप कभी स्वयं को
गलत होते हुए भी गलत नहीं समझते,
केवल ख़ून के सम्बन्ध से ही कोई अपना
नहीं होता प्रेम,सहयोग,विश्वास,निष्ठा,
प्रति आभार,सुरक्षा,सहानुभूति और
सम्मान ये सारे ऐसे भाव हैं जो किसी
गैर को भी अपना बना देते हैं..🔥💯
╭─❀🥺⊰╯
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♦❙❙➛ज़ख्मी 💔 दिल•❙❙♦
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