आज का दौर ना बड़ा ही अजीब है अगर तुम किसीको अच्छी भावना से मदद करते हो तो लोग सोचते है ये इतना अच्छा क्यों बन रहा है।कुछ लोगो को अच्छा बनने की जरूरत होती ही नहीं, वो अच्छे ही होते है, लेकिन फिर उनका अच्छा होना उनके लिए बुरा हो जाता है। लोग हमेशा उन्हें *taken for granted* लेते है पता है ना की ये इंसान अपनी अच्छाई को कभी त्याग नही पाएगा।तो कभी कभी इंसान का अच्छा होना ही सबसे बड़ी दिक्कत होती है की लोग उनके साथ अपने convince के हिसाब से behaviour करते है।
अच्छे बिना बोले मदद करते है,उनको कुछ भी चाहिए नही होता किसी से, लेकिन वो लोग समझते है की अगर हम कर सकते है किसी के लिए कुछ तो बेशक करना चाहिए। ये इंसानियत है, ये उनकी नम्रता है, हर इंसान ये सारे अच्छे गुणों का धनी नहीं होता है।लोग यह मदद मांगने पे भी नही करते। सबसे ज्यादा मुझे लगता है यही अच्छे लोग पीस जाते है ये अजीब दुनिया में, वो लोग बिना गलती किए सजा भोगते है।उनका कसूर इतना है बस की उन्होंने दुसरो के लिए अच्छा सोचा।