#Imagination
बारिश की नन्ही बूंदें मोतियों सी चमकती है l
ज़मीं पर अमृत बन आसमान से टपकती है ll
धुँधला सा गुलशन ताजगी है हवाओं में और l
बादलों में कल्पना की दुनिया में टहलती है ll
हवाओं के साथ शोर मचाती बेहद खूबसूरत l
वो इठलाती, मचलती,हल्की सी बरसती है ll
मन के तारों को छेड़ यादों को ताज़ा करके l
प्यारा मीठी सा गीत गुनगुनाकर बहकती है ll
बरसात की बूँदों के संग संगीत सजाती है l
मन को भर उठती खुशियों से गरजती है ll
बादलों की छांव में क़ायनात पे मुस्कान सजे l
धरती की गोद में फूलों की महक महकती है ll
२९-११-२०२३
सखी
दर्शिता बाबूभाई शाह